घूमने निकले दो बाइक सवारों पर गिरी बिजली, लातेहार में वज्रपात से दोनों की मौत

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लातेहार। झारखंड के लातेहार जिले में गुरुवार को वज्रपात की एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बारिश से बचने के लिए महुआ के पेड़ के नीचे खड़े हुए दो युवकों की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान जिला मुख्यालय निवासी पीयूष कुमार और पवन कुमार के रूप में हुई है। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि अस्पताल में स्थानीय लोगों और परिचितों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

जानकारी के अनुसार, दोनों युवक गुरुवार को मोटरसाइकिल से लातेहार से बाजकुम की ओर घूमने के लिए निकले थे। रास्ते में अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के उद्देश्य से दोनों एक महुआ के पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ और दोनों युवक उसकी चपेट में आ गए। बिजली गिरते ही दोनों सड़क किनारे जमीन पर गिर पड़े और गंभीर रूप से झुलस गए। कुछ समय बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों की नजर दोनों युवकों पर पड़ी। उन्होंने तत्काल स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रमाकांत गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से दोनों युवकों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना जैसे ही जिला मुख्यालय पहुंची, मृतकों के परिजन, मित्र और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में शोक और मातम का माहौल छा गया। मृतक के मित्र आशीष कुमार ने बताया कि दोनों युवक कुछ ही देर पहले घर से घूमने के लिए निकले थे। बाद में एक परिचित का फोन आया कि वज्रपात की चपेट में आने से पवन और उसके साथी की मौत हो गई है। यह खबर सुनते ही सभी लोग अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने दोनों के निधन की पुष्टि कर दी। थाना प्रभारी रमाकांत गुप्ता ने बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर मानसून के दौरान वज्रपात से बचाव को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। मौसम विशेषज्ञ लगातार खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और विशेष रूप से पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह देते रहे हैं। बावजूद इसके, अनजाने में लोग ऐसे स्थानों पर शरण ले लेते हैं, जो कई बार जानलेवा साबित हो जाता है। लातेहार की इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से वज्रपात के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मौसम संबंधी चेतावनियों को अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।