1932 में स्थापित इंडियन मिलिट्री एकेडमी से अब तक 64 हजार से अधिक कैडेट्स पास आउट

Blog
 Image

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित प्रतिष्ठित इंडियन मिलिट्री एकेडमी में इस साल की पासिंग आउट परेड बेहद खास और ऐतिहासिक होने जा रही है। देश की राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू आगामी 12 और 13 जून को अपने दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंच रही हैं। राष्ट्रपति मुर्मू इस गौरवशाली समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी और देश सेवा के लिए तैयार होने वाले युवा सैन्य अधिकारियों से सलामी लेंगी। राष्ट्रपति के आगमन की खबर से ही भारतीय सैन्य अकादमी में तैयारियों ने नया जोर पकड़ लिया है। यह पासिंग आउट परेड आईएमए के इतिहास में एक नया गौरवशाली अध्याय जोड़ने जा रही है, क्योंकि इस बार परेड में महिला कैडेट्स भी शामिल होंगी। आईएमए प्रशासन इसे अपने लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण मान रहा है। यह परेड कड़े प्रशिक्षण सत्र के समापन का प्रतीक है, जिसके बाद कैडेट्स को देश के अलग-अलग हिस्सों में सैन्य अधिकारी के रूप में कमीशन दिया जाएगा। फिलहाल, अंतिम पग पार करने के लिए जेंटलमैन और महिला कैडेट्स सुबह से ही मैदान पर ड्रिल और मार्चिंग का कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। इंडियन मिलिट्री एकेडमी का इतिहास स्वर्णिम रहा है। इस महान सैन्य संस्थान की स्थापना 1 अक्टूबर 1932 को हुई थी, जिसका उद्घाटन तत्कालीन कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल सर फिलिप चेटवोड ने किया था। अब तक इस प्रतिष्ठित संस्थान से 64,000 से अधिक जेंटलमैन कैडेट्स पास आउट होकर देश की सेवा में जा चुके हैं। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए देहरादून प्रशासन और सैन्य अधिकारियों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करना शुरू कर दिया है।