Monday, May 27, 2024

जंगलों की आग से झुलस गए उत्तराखंड के पहाड़! चारों तरफ धुआं धुआं,24 घंटे में 23 जगह जले जंगल

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गर्मी बढ़ने के साथ ही कुमाऊं के जंगलों में आग बेकाबू होने लगी है। नैनीताल के जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए वायु सेना के हेलीकॉप्टर की मदद लेनी पड़ी। पाइंस की आग हाईकोर्ट के आवासीय परिसर तक पहुंच गई थी, जिस पर काबू पा लिया गया है। पिछले एक हफ्ते के दौरान जंगलों में आग लगने की 225 घटनाएं हुई, जिसमें 288 हेक्टेअर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। बागेश्वर में तो जंगल की आग ने काफलीगैर मैग्नेसाइट फैक्टरी के माइंस कार्यालय को चष्ट में ले लिया, जिसमें 12 कमरे और मशीनें, कंप्यूटर तक जल गए। वनाधिकारियों के अनुसार कुमाऊं में नैनीताल और चंपावत जिला वनाग्नि की दृष्टि से बेहद संवेदनशील बना हुआ है।

प्रदेश में 24 घंटे में 23 जगहों पर जंगलों में आग लगी है। इसमें 16 जगहों पर कुमाऊं में वनाग्नि की घटनाएं हुईं हैं। पूरे प्रदेश में 24 घंटे में करीब 35 हेक्टेयर जंगल वनाग्नि की भेंट चढ़ चुके हैं। स्थिति इस कदर बिगड़ गई है कि नैनीताल जिले में जंगल की आग पर नियंत्रण के लिए एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर की मदद ली गई है। हेलीकॉप्टर ने भीमताल झील से पानी लेकर नैनीताल और उसके आसपास के वनाग्नि वाले क्षेत्रों में पानी गिराया है। इन इलाकों में आर्मी क्षेत्र भी आता है। 10 बार हेलीकॉप्टर ने भीमताल झील से पानी भरा और जंगलों में लगी भीषण अग्नि को शांत किया। नैनीताल में हाईकोर्ट के आवासीय परिसर तक जंगल की आग पहुंच गई। जंगलों में आग की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने फॉरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी स्थित सभागार में कुमाऊं के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें फायर सीजन तक वन अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगाने के निर्देश दिए। शनिवार को अल्मोड़ा में जंगल की आग कैंट क्षेत्र के आवासीय भवनों के करीब पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई।

 

बागेश्वर में कलक्ट्रेट परिसर तक पहुंची वनाग्नि को नियंत्रित करने में चार घंटे से अधिक का समय लगा। आग से स्वान केंद्र की संचार केबल जल गई। इंटरनेट ठप होने से शनिवार को करीब 40 विभागों का कामकाज प्रभावित रहा। शुक्रवार की शाम करीब छह बजे कलक्ट्रेट परिसर की पहाड़ी पर आग लग गई थी। यहां डीएम, एसडीएम, आपदा प्रबंधन अधिकारी भी मौके पर डटे रहे। करीब पौने नौ बजे परिसर के समीप की आग को काबू किया जा सका। हालांकि परिसर के आसपास के आग को काबू करने में एक घंटा लग गया। प्रदेश में नवंबर 2023 के बाद से अब तक जंगलों में आग की 598 घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें कुमाऊं में 329, गढ़वाल मंडल में 128 और वन्यजीव क्षेत्र में 51 घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं में राज्य में कुल 725 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। इसमें कुमाऊं मंडल में 424, गढ़वाल मं 240 और वन्यजीव क्षेत्र में 59 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा प्रभावित हुई है।

 

सल्ट अल्मोड़ा के सीएचसी देवालय में जंगल की आग से ऑक्सीजन प्लांट और कार्यालय में रखे दस्तावेज जल गए। मौके पर न फायर ब्रिगेड पहुंची न वन विभाग की टीम। स्वास्थ्य कर्मियों ने किसी तरह आग को बुझाया। आग बुझाने में पानी के सारे टैंक खाली हो गए। जंगलों की आग सड़क किनारे खड़े वाहनों को भी चपेट में ले रही है। बीते दिनों सल्ट में जंगल की आग से मतदान कर्मचारी की सड़क पर खड़ी बाइक जल गई थी। वहीं, नगर के टाटिक में जंगल की आग से कार जल गई थी।

बागेश्वर जिले में काफलीगैर मैग्नेसाइट फैक्टरी के माइंस कार्यालय को भी वनाग्नि ने अपनी चपेट में ले लिया। इससे टिनशेड में बने माइंस कार्यालय के 12 कमरे जल गए। कमरों में रखी मशीनें, कंप्यूटर, फर्नीचर भी आग की भेंट चढ़ गए। आग से 20-25 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। इसके अलावा कपकोट, कौसानी, धरमघर के जंगलों में आग लगी हुई है। हालांकि वन विभाग के आंकड़ों में जिले में वनाग्नि की केवल 12 घटनाएं ही दर्ज हैं। कौसानी में जंगल की आग कैंट एरिया तक पहुंच गई। कौसानी में टीम ने दो वाहनों की मदद से आग बुझाई। झिरौली और पौड़ीधार के जंगलों में लगी आग को भी काबू कर लिया गया है। जंगलों में लग रही आग का असर यातायात पर पड़ने लगा है। अल्मोड़ा-बागेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलता हुआ चीड़ का पेड़ टूटकर गिरने से यातायात बाधित हो गया। कटर मशीनों की मदद से पेड़ को काटकर यातायात सुचारु करवाया गया।

लोहाघाट (चंपावत) के ग्राम सभा पाटन पाटनी के जमरया खोला के जंगलों में भीषण आग से वन संपदा और वन्यजीवों को भारी नुकसान पहुंचा है। ब्लाक के शंखपाल, चंदा वन के जंगलों में देर रात तक आग लगी रही। आग लगने से बांज, बुरांश, फल्यांठ के पेड़-पौधे जलकर नष्ट हो गए। चंपावत जिले के कोट अमोड़ी के नाप खेतों में आग से क्षेत्र में धुआं ही धुआं फैल गया। शुक्रवार को दिन में कोट अमोड़ी के नाप खेतों में आग लग गई। टनकपुर (चंपावत) क्षेत्र के सैलानीगोठ नई बस्ती के पास जंगल और दोगाड़ी रेंज में दो जगह आग लग गई। बूम वन रेंज में शुक्रवार को हुए अग्निकांडों में गर्मी से फायर श्रमिक दीपक सिंह महर, वन रक्षक गंगा कुंवर, अक्षय कुमार और होशियार सिंह बेहोश हो गए जिनका प्राथमिक इलाज कराया गया। वनों में आग लगने से वन्यजीव आबादी की ओर आ रहे हैं। शनिवार को बंगापानी बाजार के पास घुरड़ देखे गए। चंपावत जिले के पाटी विकासखंड में गहतोड़ा के हल्दू के जंगल में लगी आग मकानों तक पहुंच गई। शनिवार शाम चार बजे पथरकोट के जंगल की आग तीन मकानों तक पहुंच गई। एक मकान में रह रहे बुजुर्ग का दो मंजिला मकान जलकर नष्ट हो गया है। आसपास के ग्रामीणों ने 79 वर्षीय बुजुर्ग लीलाधर का सुरक्षित निकाला। उनका कहना है कि आग से 10 लाख की क्षति हुई है। बुजुर्ग को पांच हजार की प्रारंभिक राशि दी गई है। पाटी के तल्ली लड़ी में गोविंद सिंह के मकान में आग लग गई। आग से मकान में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया।

पिथौरागढ़ के प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष सिंह ने कहा है कि जंगलों में आग लगाने वालों पर वन अधिनियम के तहत तो कार्रवाई होगी ही साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। मुनस्यारी में जंगल में आग लगने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पिथौरागढ़ जिले में अब तक आग से 50 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ है। वनाधिकारियों के अनुसार इस समय कुमाऊं में नैनीताल और चंपावत जिला वनाग्नि की दृष्टि से बेहद संवेदनशील बना हुआ है। नैनीताल जिले में जंगल धधक रहे हैं। ऐसे में आग बुझाने के लिए एयर फोर्स के हेलीकॉप्टर पहुंचे हैं। शनिवार की सुबह एयर फोर्स ते एक हेलीकाप्टर एमआई-17 ने अभियान 6.30 से शुरू किया। भीमताल झील से पानी भर कर दोपहर 2.30 बजे तक वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने भीमताल झील से करीब आठ से दस बार पानी भरकर नैनीताल के लड़ियाकाटा, पाइंस से सटे जंगलों में लगी आग पर डाला। हेलीकॉप्टर के झील से पानी भरने के दौरान झील में नौकायन का संचालन बंद रहा। वायुसेना के अधिकारी भीमताल में मौजूद रहे।

आग से भीमताल, भवाली, पाइंस, ओखलकांडा, रानीबाग, रामगढ़, बेतालघाट और धारी के जंगल की वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। नैनीताल वन प्रभाग के भवाली रेंज के वन क्षेत्राधिकारी विजय मेलकानी ने बताया कि जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद कर रहे हैं। साथ ही वन विभाग के कर्मचारी भी आग बुझाने में लगे हुए हैं। नैनीताल एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि वायुसेना का हेलीकॉप्टर ने शनिवार सुबह से दोपहर तक नैनीताल से लगे जंगलों में लगी आग को बुझाने का काम किया है। एसडीएम ने कहा कि जंगल में आग लगेगी तो हेलीकॉप्टर की मदद आगे भी ली जाएगी। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने फारेस्ट ट्रेनिंग अकादमी में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि जब तक फायर सीजन चल रहा है, तब विभागीय बैठक के लिए वन संरक्षक, मुख्य वन संरक्षक स्तर के अधिकारियों को बैठक में देहरादून आने की जरूरत नहीं है, वे वुर्चअल बैठक के माध्यम से शामिल हो और अपने कार्यस्थल पर रहे। बैठक में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के अलावा कुमाऊं मंडल के जिला प्रशासन, वन विभाग के अधिकारी भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। सीएम ने पेयजल और जाम संबंधी दिक्कत को दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

 

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