देहरादून जाखन ब्लाइंड मर्डर केस सॉल्व: सीसीटीवी की डीवीआर लेकर भागे थे हत्यारे, शूटर की प्रेमिका अब भी फरार

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उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के पॉश इलाके जाखन में ठीक एक साल पहले हुए चर्चित अजय बटेजा हत्याकांड का दून पुलिस ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस भाई पर अजय सबसे ज्यादा भरोसा करता था, उसी सौतेले भाई ने करोड़ों की प्रॉपर्टी के लालच में उसकी मौत की खूनी साजिश रची थी। थाना राजपुर पुलिस ने इस मामले में जाल बिछाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बेहद कुख्यात और शातिर शार्प शूटर रजत उर्फ जैकी को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस वारदात में शूटर का साथ देने वाली उसकी प्रेमिका हुमेरा उर्फ जोया और मुख्य साजिशकर्ता सौतेला भाई अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने मामले का पर्दाफाश करते हुए बताया कि मृतक अजय बटेजा के पास देहरादून और मसूरी में कई कीमती संपत्तियां थीं। अजय अत्यधिक शराब पीने का आदी था और प्रॉपर्टी बेचकर पैसे उड़ा रहा था। उसका सौतेला भाई अमित बटेजा पिछले कई सालों से इस संपत्ति में अपना हिस्सा मांग रहा था, क्योंकि इसमें उसके पिता का पैसा भी लगा था। जब अजय ने हिस्सा देने से साफ इनकार कर दिया, तो अमित ने उसे रास्ते से हटाने का मन बना लिया। अमित ने इसके लिए यूपी के कुख्यात शूटर जैकी से संपर्क किया और अजय की हत्या के बदले जाखन वाली कीमती प्रॉपर्टी का आधा हिस्सा देने का सौदा (सुपारी) तय किया। गिरफ्तार आरोपी रजत उर्फ जैकी उर्फ राजन सहारनपुर का घोषित हिस्ट्रीशीटर है। पश्चिमी यूपी में उसका खौफ है और उस पर शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में हत्या, लूट, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट और जानलेवा हमले के दो दर्जन (24) से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि 25 मई 2025 को अमित बटेजा, शूटर जैकी और उसकी प्रेमिका हुमेरा उर्फ जोया ने सहारनपुर में बैठकर पूरी प्लानिंग की। देहरादून आने के लिए उन्होंने एक बहाना तैयार किया। जैकी के एक दोस्त अक्षय का इलाज देहरादून के मैक्स अस्पताल में चल रहा था, उसे देखने के नाम पर ये लोग देहरादून आए और रात में जाखन स्थित कृष्णा विहार कॉलोनी में अजय बटेजा के घर ही रुक गए। योजना के मुताबिक, जैकी अपनी प्रेमिका जोया को अजय के पास छोड़ गया, ताकि वह अजय को अपनी बातों में उलझाकर रख सके। अमित और जैकी के अन्य साथी बाहर गाड़ी में बैठकर शराब पीते रहे और रात के सन्नाटे का इंतजार करने लगे। रात करीब 1:00 बजे जब चारों तरफ सन्नाटा पसर गया, तब अमित बटेजा अपने एक साथी नीरज को बहला-फुसलाकर गाड़ी में ही रोके रहा, जबकि शूटर जैकी चुपचाप घर के अंदर दाखिल हुआ। अंदर जोया और जैकी ने मिलकर अजय बटेजा को जानबूझकर अत्यधिक शराब पिलाई। जब अजय पूरी तरह नशे में धुत होकर बेसुध हो गया, तो जैकी ने तकिए से उसका मुंह और नाक दबा दी। अत्यधिक नशा होने के कारण अजय तड़प भी नहीं पाया और दम घुटने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए आरोपियों ने लाश को पंखे से लटकाने की कोशिश की, लेकिन जल्दबाजी और हड़बड़ाहट के कारण वे इसमें नाकाम रहे। तभी जैकी की नजर बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे पर पड़ी। पकड़े जाने के डर से शातिर शूटर कैमरे की डीवीआर उखाड़कर अपने साथ ले गया। इसके बाद दोनों ऑटो से आईएसबीटी पहुंचे और बस पकड़कर सहारनपुर फरार हो गए। एक साल पुराने इस ब्लाइंड मर्डर केस का सफल अनावरण करने वाली राजपुर पुलिस टीम की पीठ थपथपाई गई है। आईजी गढ़वाल ने पुलिस टीम के लिए 5,000 रुपये और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने 2,500 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों को भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।