बेटियों के लिए 257 करोड़ का महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, चम्पावत में खेल और शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान

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चम्पावत। उत्तराखंड के सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को चम्पावत जनपद को विकास की एक अभूतपूर्व सौगात दी। चम्पावत में आयोजित एक भव्य और विशाल कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 123.79 करोड़ रुपये की लागत वाली 17 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें 27.79 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हो चुकीं 8 योजनाओं का लोकार्पण तथा 96 करोड़ रुपये की लागत वाली 9 नई योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने चम्पावत को राज्य का आदर्श 'मॉडल जनपद' बनाने का अपना पुराना संकल्प फिर से दोहराया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकास भी और विरासत भी' के मूल मंत्र को धरातल पर उतारते हुए मुख्यमंत्री ने 3.49 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए 'जिम कॉर्बेट ट्रेल' का विधिवत शुभारंभ किया। इस अनूठी परियोजना के तहत जिले के उन तमाम ऐतिहासिक स्थलों का विकास और सौंदर्यीकरण किया गया है जो महान पर्यावरणविद् जिम कॉर्बेट से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही, नगर की सबसे बड़ी समस्या को दूर करने के लिए रोडवेज बस स्टेशन परिसर में लगभग 62.33 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक बहुमंजिला पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स 'सिटी सेंटर' का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन किया गया। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "हमारी सरकार का उद्देश्य केवल कंक्रीट की सड़कें और भवन खड़े करना नहीं है। हम ऐसा चम्पावत विकसित कर रहे हैं जहां युवाओं के पास रोजगार हो, बहनें-महिलाएं आत्मनिर्भर हों, किसान समृद्ध हों और व्यापारियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें। उन्होंने आगे बताया कि बेटियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं देने के लिए ₹257 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और ₹58.52 करोड़ से आधुनिक साइंस सेंटर की स्थापना की जा रही है। वहीं टनकपुर में ₹237.74 करोड़ की लागत से आधुनिक आईएसबीटी (ISBT) और ₹14 करोड़ की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण भी तेज गति से चल रहा है। इसके साथ ही बनबसा में सैनिक स्मारक और पाटी में सैनिक बहुउद्देशीय केंद्र की स्थापना सीमांत क्षेत्र की तस्वीर बदल देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मानसखंड मंदिर माला मिशन' के तहत मां पूर्णागिरि धाम, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर और मां वाराही धाम सहित अनेक पौराणिक धार्मिक स्थलों का कायाकल्प किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर होमस्टे और स्वरोजगार को भारी बढ़ावा मिलेगा। इसी कड़ी में खटीमा के 'लोहियाहेड वाटर बाईपास' का भी स्थलीय निरीक्षण कर उसे एक भव्य टूरिस्ट डेस्टिनेशन और वाटर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं की आर्थिकी की रीढ़ बनेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज के हर वर्ग जिसमें विभिन्न मंदिरों के पुजारी, अर्धसैनिक बलों के जवान, युवा, स्वच्छाग्रही, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और प्रबुद्धजन शामिल थे से सीधा संवाद स्थापित कर उनके बहुमूल्य सुझाव और समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम के समापन के बाद उन्होंने खटकना पुल स्थित 'एटलस पावर हाउस जिम' का भी उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, दर्जा राज्यमंत्री श्याम पांडे, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित कई गणमान्य लोग और हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।