Apr 04, 2026

उत्तराखंड जनगणना में नागरिकों की जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय

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देहरादून। उत्तराखंड में शुरू होने जा रही जनगणना को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने विशेष एहतियाती कदम उठाए हैं। जनगणना के दौरान ठगी या फर्जीवाड़े की घटनाएं न हों, इसके लिए सभी प्रगणकों को विशेष पहचान पत्र जारी किए जा रहे हैं। इन आईडी कार्डों में क्यूआर कोड शामिल होगा, जिसे स्कैन करते ही संबंधित प्रगणक की पूरी आधिकारिक जानकारी सामने आ जाएगी।

जनगणना निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि जनगणना केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में कराई जा रही है। जैसे ही जनगणना की प्रक्रिया शुरू होती है, कुछ असामाजिक तत्व लोगों को भ्रमित कर ठगी करने की कोशिश करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार पहचान सत्यापन की मजबूत व्यवस्था की गई है। प्रत्येक प्रगणक के पास विभाग द्वारा जारी आईडी कार्ड होगा, जिस पर अंकित क्यूआर कोड को कोई भी नागरिक अपने मोबाइल से स्कैन कर सकता है। स्कैन करते ही यह जानकारी मिलेगी कि संबंधित व्यक्ति किस विभाग का कर्मचारी है और वर्तमान में उसकी ड्यूटी किस क्षेत्र में लगी है। इसके अलावा जनगणना टीम जिस क्षेत्र में पहुंचेगी, वहां पहले स्थानीय प्रधान, पार्षद, सभासद और गणमान्य नागरिकों से संपर्क करेगी। उनके माध्यम से क्षेत्र में टीम की आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी, ताकि लोगों में किसी अनजान व्यक्ति को लेकर भय या संदेह न रहे। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से फर्जी लोगों की पहचान आसान होगी और ठगी की आशंका खत्म होगी।

जनगणना निदेशक ने यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी जाने वाली सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। यह जानकारी किसी भी मंच, फोरम या अदालत में साझा नहीं की जाएगी। यहां तक कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत भी व्यक्तिगत विवरण उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। केंद्र सरकार के पास आंकड़े केवल सांख्यिकीय रूप में सुरक्षित रहेंगे। उदाहरण के तौर पर किसी मोहल्ले में कितने बच्चे स्कूल जाते हैं, यह जानकारी उपलब्ध होगी, लेकिन किसी व्यक्ति विशेष का बच्चा किस स्कूल में पढ़ता है, इसका खुलासा नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि स्वतंत्र भारत में पहली जनगणना वर्ष 1951 में आयोजित की गई थी। 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, एलपीजी वितरण योजना और गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने जैसी कई प्रमुख योजनाएं लागू की गईं। आगामी जनगणना के ताजा आंकड़े राज्य और केंद्र सरकार को विकास योजनाओं का नया रोडमैप तैयार करने में मदद करेंगे। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और सामाजिक कल्याण से जुड़े क्षेत्रों में सटीक योजना बनाना संभव होगा। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत प्रगणकों को ही जानकारी दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।