नई दिल्ली। हरियाणा के फरीदाबाद से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, डबुआ कॉलोनी में गाजीपुर रोड पर स्थित एक प्राइवेट स्कूल की 11वीं क्लास में पढ़ने वाली छात्रा जानवी ने मंगलवार को थर्ड फ्लोर से कूदकर जान दे दी। छात्रा के पिता का आरोप है कि क्लासरूम में लंच को लेकर झगड़े में एक स्कूल टीचर ने उसे चार घंटे तक धूप में खड़े रहने की सजा दी। अपमानित महसूस करने पर उसने जानलेवा कदम उठा लिया। हांलाकि स्कूल के प्रिंसिपल आरके शर्मा ने आरोपों से इनकार किया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। फरीदाबाद पुलिस के पीआरओ यशपाल यादव के मुताबिक, यह घटना दोपहर करीब 1ः30 बजे डबुआ-गाज़ीपुर रोड स्थित नवोदय विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में क्लास खत्म होने के बाद हुई। जब छात्र स्कूल से जा रहे थे, तब 16 साल की छात्रा तीसरी मंजिल की छत पर गई और कूद गई। स्कूल के कर्मचारी छात्रा को पास के अस्पताल ले गए। वहां से उसे बादशाह खान सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लड़की के पिता का कहना है कि बिरयानी को लेकर उसकी क्लास के बच्चों के बीच झगड़ा हुआ था। वह उस झगड़े में शामिल नहीं थी, फिर भी टीचर ने उसे सजा दी। उसे कई घंटों तक धूप में खड़ा रहने पर मजबूर किया गया, जिससे वह सदमे में आ गई और आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को कोई समस्या नहीं थी। वह हर तरह से अच्छा कर रही थी, पढ़ाई में भी ठीक थी। अपनी बेटी की दोस्तों से बातचीत के आधार पर उन्होंने दावा किया कि छात्रा को पहले भी सजा दी गई थी। इससे वह परेशान थी। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी स्कूल प्रशासन ने एक घंटे की देरी से उन्हें बेटी की मौत की सूचना दी। डबुआ थाने के एसएचओ सुमेर सिंह ने बताया कि आरोपों की पुष्टि की जा रही है। पिता की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के बाद मामला दर्ज किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पहले से ही स्कूल अधिकारियों से पूछताछ कर रही है। सुराग के लिए सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रही है। स्कूल के प्रिंसिपल आरके शर्मा ने आरोपों से इनकार किया है। प्रिंसिपल आरके शर्मा ने बताया कि छात्रा स्कूल की एक महिला नॉन-टीचिंग स्टाफ सदस्य के साथ बाथरूम गई थी। लेकिन बाथरूम से निकलने के बाद वह छत पर चली गई और अचानक नीचे कूद गई। उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसके बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि छत से गिरने के बाद उसे इलाज के लिए एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां के डॉक्टरों ने पुलिस केस बताते हुए उन्हें बीके हॉस्पिटल ले जाने को कहा। सिविल हॉस्पिटल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। प्रिंसिपल ने बताया कि स्कूल प्रशासन पुलिस जांच में सहयोग कर रहा है।

