Thursday, June 20, 2024

लोकसभा स्पीकर ने दी राजनेताओं को नसीहत, शीतकालीन सत्र के लिए अनुशासन और धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने पर दिया जोर

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देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है. इस बीच देश का नया संसद भवन भी लगभग तैयार है और उम्मीद है कि इस बार का शीतकालीन सत्र संसद के नए भवन में ही हो. इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कई महत्वपूर्ण बातें कही है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि आज संसद में अनुशासन कम हुआ है. लेकिन सांसदों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जब वे बोले तो किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे. उन्होंने कहा कि हमारा संविधान हर किसी के लिए समान है.

लोकसभा अध्यक्ष के रूप में अपने तीन साल पूरे करने वाले ओम बिरला ने कहा कि संविधान के सामने सभी धर्म समान है और सांसदों को किसी भी धर्म के खिलाफ भड़काऊ बयान नहीं देना चाहिए. ओम बिरला ने कहा, हर सांसद को संसद में अपनी गरिमा बनाकर रखना चाहिए जिससे संसद की गरिमा और मर्यादा बनी रहे. ओम बिरला ने कहा, सांसदों को इस बात का पूरा ख्याल रखना चाहिए कि उनकी बोली से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हो. उन्होंने कहा, हम सभी को पूरी निष्ठा से इस परंपरा का पालन करना चाहिए. हमारा संविधान सभी को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार देता है.

ओम बिरला ने कहा, संसद में चर्चा या बहस लोकतंत्र का आभूषण है. इसलिए सांसदों को बोलते समय अनावश्यक आक्रामकता और शोर शराबे से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब सांसद संसद में बोलते हैं तो बोलते समय एक दूसरे पर कटाक्ष करना भी स्वीकार है लेकिन अनावश्यक आक्रमकता नहीं दिखाना चाहिए. लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, राजनीतिक नेताओं द्वारा संसद का इस्तेमाल निराधार आरोप लगाने और जवाबी आरोप लगाने के लिए एक मंच के रूप में नहीं किया जाना चाहिए.

संसद के नए भवन के बारे में ओम बिरला ने कहा, मुझे विश्वास है कि इस साल का शीतकालीन सत्र संसद भवन की नई इमारत में होगा. बिरला ने कहा, नए भवन का काम जोरों पर चल रहा हूं. यह आधुनिक भारत और हमारे समृद्ध इतिहास दोनों की झलक दिखाएगा. वह भारत के सभी राज्यों की संस्कृति को प्रदर्शित करेगा.

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