Saturday, March 2, 2024
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दूसरे जन्म की अजीब कहानी: नारायण बना नवीन, परिजनों ने किया था पिंडदान, जिसका कारण था नामकरण और शादी, जानें पूरा मामला

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उधम सिंह नगर
26 नवंबर को मरा समझकर एज़ेल्स ने नवीन की जगह दूसरे युवा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। रविवार को अचानक रहस्यमयी जिंदा मुलाकात पर अवशेष के साथ ही गांव के लोग भी अचरज में पड़ गए। गुरुवार को नवीन भट्ट का नामकरण हुआ।






26 नवंबर को मरा समझकर एज़ेल्स ने नवीन की जगह दूसरे युवा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। रविवार को अचानक रहस्यमयी जिंदा मुलाकात पर अवशेष के साथ ही गांव के लोग भी अचरज में पड़ गए। सामूहिक नववर्ष का पिंडदान कर दिया गया, जिसके कारण गुरुवार को पंडित आनंद वल्लभ जोशी ने अपने घर पर दाखिला लिया। उनका नया नाम नारायण दत्त भट्ट दिया गया है।

जनेऊ धारण करने के बाद उनकी अपनी पत्नी रेखा के साथ विवाह हो गया। गांव के लोगों का कहना है कि स्थानीय नवयुवकों को मृत समझकर पिंडदान कर दिया गया था, जिसका कारण हिंदू ईसाई थे, नामकरण और विवाह आदिम के अनुसार।

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