Feb 11, 2026

वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर सरकार का ऐतिहासिक निर्देश

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नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। आज बुधवार को गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की है। सरकार ने आधिकारिक मौकों पर वंदे मातरम् के छह अंतरा वाले संस्करण को बजाना या गाना अनिवार्य कर दिया है। इसे सभी सरकारी इवेंट्स और सभी स्कूलों में राष्ट्रगान, यानी ‘जन, गण, मन’ के तुरंत बाद बजाया जाना है। 6 छंदों की कुल अवधि 3 मिनट और 10 सेकंड होगी। यह नियम राष्ट्रीय ध्वज फहराने, कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आगमन, उनके भाषणों या राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में लागू होगा। इसके साथ ही राज्यों के राज्यपालों के आने और उनके भाषणों से पहले और बाद में भी इसी निर्धारित अवधि और संस्करण का पालन करना जरूरी किया गया है। यह आदेश सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, विभिन्न मंत्रालयों तथा संवैधानिक संस्थाओं को भेजा गया है। बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार ने वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के अवसर पर यह बड़ा फैसला लिया है। अब किसी भी सरकारी समारोह में वंदे मातरम के 6 छंद गाना आवश्यक होगा। अब तक राष्ट्रीय गीत के गायन या वादन के लिए कोई औपचारिक नियमावली नहीं थी, जबकि राष्ट्रगान जन गण मन के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल पहले से मौजूद हैं।

कौन से हैं वो 6 छंद?

छंद 1
वन्दे मातरम्।
सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्।
शस्यशामलां मातरम्।
शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं।
फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं।
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं।
सुखदां वरदां मातरम्।।
वन्दे मातरम्।।

छंद 2
वन्दे मातरम्।
कोटि-कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले।
कोटि-कोटि-भुजैर्धृत-खरकरवाले।
अबला केन मा एत बले।
बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीं।
रिपुदलवारिणीं मातरम्।।
वन्दे मातरम्।।

छंद 3
वन्दे मातरम्।
तुमि विद्या, तुमि धर्म।
तुमि हृदि, तुमि मर्म।
त्वं हि प्राणाः शरीरे।
बाहुते तुमि मा शक्ति।
हृदये तुमि मा भक्ति।
तोमारई प्रतिमा गडि।
मन्दिरे-मन्दिरे मातरम्।।
वन्दे मातरम्।।

छंद 4
वन्दे मातरम्।
त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी।
कमला कमलदलविहारिणी।
वाणी विद्यादायिनी।
नमामि त्वाम्।
नमामि कमलां अमलां अतुलां।
सुजलां सुफलां मातरम्।।
वन्दे मातरम्।।

छंद 5
वन्दे मातरम्।
श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषितां।
धरणीं भरणीं मातरम्।
शत्रु-दल-वारिणीं।
मातरम्।।
वन्दे मातरम्।।

छंद 6
वन्दे मातरम्।
त्वं हि शक्ति, त्वं हि शक्ति।
त्वं हि शक्ति मातरम्।
वन्दे मातरम्।।